Spark Of Genius

genius24

अभिमन्यु ने परिवार के लिए बलिदान दिया और दशरथ के चले जाने के बाद श्रीराम ने निभाई जिम्मेदारी

महाभारत और रामायण के कुछ किस्से, जिनसे सीखा जा सकता है कि कैसे परिवार में एकता और प्यार बना रहे

Posted : | JUNE 3, 2014 |

परिवार में प्यार और एकता कैसे बनाए रखें ये बातें महाभारत और रामायण से भी सीखी जा सकती है। महाभारत में जानबूझकर अभिमन्यु का चक्रव्यूह में जाना ये बताता है कि परिवार को बचाने के लिए कैसी भावना होनी चाहिए। रामायण में लक्ष्मण का अपने भाई शत्रुघ्न को अपनी बात रखने की आजादी देना और राजा दशरथ के चले जाने के बाद श्रीराम का जिम्मेदारी निभाना एक आदर्श परिवार का उदाहरण है। ग्रंथों के इन प्रसंग से छोटी-छोटी बातें सीखकर परिवार को साथ लेकर चला जा सकता है।

1. खुद के फायदे से ऊपर सोचें
आजकल कई लोग ऐसे हैं जो खुद का फायदा पहले सोचते हैं और परिवार के लिए बाद में। इसी सोच के कारण परिवार में मनमुटाव बढ़ता है। अगर कोई अपने फायदे से पहले परिवार के बारे में सोचे तो ऐसे इंसान के लिए घर के बाकी लोगों का नजरिया सकारात्मक हो जाता है और आपस में प्रेम बढ़ने लगता है।
महाभारत का प्रसंग...
महाभारत के दौरान जब द्रोणाचार्य चक्रव्यूह की रचना करते हैं, तब अभिमन्यु उस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए अंदर प्रवेश कर जाता है, जबकि उसे चक्रव्यूह से बाहर निकलना नहीं आता। अभिमन्यु यह जानता है कि यदि चक्रव्यूह नहीं तोड़ा गया तो पांडवों की हार निश्चित है। ऐसी स्थिति में अभिमन्यु जान की परवाह न करते हुए, परिवार के हित को ध्यान में रखते हुए बलिदान देता है।

2. परिवार में हो अपनी बात रखने की आजादी
परिवार में मनमुटाव तब भी बढ़ता है जब कुछ लोगों को अभिव्यक्ति यानी अपनी बात रखने की आजादी न हो। देखने में आता है कि परिवार के कुछ लोग तो अपनी हर बात जिद करके मनवा लेते हैं, लेकिन कुछ अपनी बात तक ठीक से नहीं रख पाते। ऐसे हालात आगे जाकर किसी बड़ी परेशानी की वजह बन सकते हैं। इसलिए परिवार के हर इंसान को अपनी बात रखने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।
प्रसंग...
रामायण में लक्ष्मण को राम का सेवा प्रिय बताया गया है। वो सोते-जागते हर पल राम की सेवा में लीन रहते हैं, लेकिन उनका ही छोटा भाई शत्रुघ्न भरत की परछाई है। शत्रुघ्न का पूरा जीवन भरत की सेवा में गुजरा। लक्ष्मण ने कभी अपनी पसंद शत्रुघ्न पर नहीं थोपी कि तुम भी राम की ही सेवा में रहो। जब श्रीराम वनवास पर गए तो हो सकता था कि लक्ष्मण गुस्से में शत्रुघ्न को भरत से अलग कर देते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लक्ष्मण ने शत्रुघ्न को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी थी।

3. परिवार का मुखिया निभाए जिम्मेदारी
घर का मुखिया सिर्फ परिवार ही नहीं चलाता है, उसके कामों पर ही परिवार का आने वाला कल टिका होता है। घर का सबसे बड़ा इंसान किसी लाइन में खड़े पहले आदमी की तरह ही होता है। वह जैसा खड़ा होता है, बाकी लोग भी वैसे ही खड़े होते हैं। परिवार चलाना भी ऐसा ही काम है।
प्रसंग...
श्रीराम परिवार के मुखिया का सबसे अच्छा उदाहरण हैं। राजा दशरथ की मृत्यु के बाद श्रीराम ही सबसे बड़े पुत्र होने के नाते परिवार के मुखिया थे। वनवास के दौरान श्रीराम ने भरत को धर्म के अनुसार राज्य चलाने के लिए प्रेरित किया और शत्रुघ्न को भी भरत की आज्ञा मानने के लिए कहा। वनवास से लौटने के बाद श्रीराम ने अपने सभी भाइयों को अलग-अलग राज्य स्थापित करवाया ताकि आने वाले दिनों में किसी के मन में राज्य को लेकर दुराभाव न पैदा हो। लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न ने भी श्रीराम को ही अपना आदर्श मानकर अपने-अपने राज्यों में रामराज्य की स्थापना की।

Recharge & Bill Payment

Online recharge and bill payment made easy with us. Now do mobile, dth & data card recharge, pay your electricity, gas, water, and landline bills online.

Your mobile recharge either prepaid or postpaid is just a click away with us! Genius24 is your one-stop shop solution for online recharge.

Genius24 covers major network providers in India, that include Airtel, Aircel, Vodafone, BSNL, Idea, Tata Docomo (GSM), Uninor, etc. Not only that, to facilitate the online recharges, the latest talk time plans and data packs are updated on the website accordingly. This makes the data more reliable, and the interface becomes more user-friendly for users.